NEET री-एग्जाम विवाद: 2300 किमी दूर मिला परीक्षा केंद्र, National Testing Agency ने दी सफाई

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

नई दिल्ली। NEET री-एग्जाम के लिए परीक्षा केंद्र आवंटन को लेकर नया विवाद सामने आया है। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके गृह शहर से हजारों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं।

मामले में एक छात्र, जो महाराष्ट्र के नागपुर का निवासी है, को री-एग्जाम के लिए संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाने का दावा किया गया है। वहीं ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर की एक छात्रा को उत्तराखंड के देहरादून में परीक्षा केंद्र मिला है, जो उसके शहर से करीब 2300 किलोमीटर दूर है।

इन मामलों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने परीक्षा संचालन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। छात्रों का कहना है कि इतनी दूर परीक्षा केंद्र मिलने से यात्रा, आवास और अन्य व्यवस्थाओं में अतिरिक्त खर्च के साथ मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है।

विवाद बढ़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सफाई जारी करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन अभ्यर्थियों द्वारा आवेदन के दौरान चुने गए शहरों के आधार पर किया जाता है। एजेंसी के अनुसार, संबंधित अभ्यर्थियों ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान स्वयं अपने परीक्षा शहर में बदलाव किया था, जिसके आधार पर उन्हें केंद्र आवंटित किए गए।

NTA ने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र आवंटन में किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी नहीं हुई है और सभी केंद्र उम्मीदवारों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुरूप तय किए गए हैं।

हालांकि, अभ्यर्थियों और अभिभावकों का कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान गलती या तकनीकी समस्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने एजेंसी से ऐसे मामलों की दोबारा समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर अभ्यर्थियों को निकटतम परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की मांग की है।

गौरतलब है कि हाल के वर्षों में NEET परीक्षा से जुड़े कई मुद्दों को लेकर NTA की कार्यप्रणाली लगातार चर्चा में रही है। ऐसे में री-एग्जाम के लिए दूरस्थ परीक्षा केंद्र आवंटन का मामला भी शिक्षा जगत में बहस का विषय बन गया है।