भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रम में अहमदाबाद से आई युवा प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका एवं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी चंद्रिका दीदी ने कहा कि आज अधिकांश लोग अपने दुख, तनाव और मूड ऑफ होने का कारण दूसरों को मानते हैं, जबकि इसकी बड़ी वजह व्यर्थ चिंतन और अत्यधिक सोचने की आदत है।
उन्होंने कहा कि जो लोग हर कार्य को कल पर टालते हैं, वे आलस्य और अलबेलेपन के संस्कारों के अधीन होते हैं। जीवन में समय का महत्व समझते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पुरुषार्थ को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान कर्म ही भविष्य की प्रालब्ध का निर्माण करते हैं।
चंद्रिका दीदी ने कहा कि सृष्टि कर्म और न्याय के सिद्धांत पर चलती है तथा व्यक्ति को परमात्मा से अपना संबंध मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा को माता-पिता, शिक्षक, मित्र और सखा के रूप में याद करने से मन को शांति और शक्ति मिलती है।
उन्होंने कहा कि तनाव और चिंता का कारण बाहरी परिस्थितियां नहीं, बल्कि हमारे अपने संस्कार और अनावश्यक चिंतन होते हैं। इसलिए व्यक्ति को अपनी कमियों और कमजोरियों को पहचानकर उनमें सुधार का प्रयास करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जहां योग के विभिन्न आसन शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं, वहीं राजयोग मानसिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम में उन्होंने उपस्थित लोगों से जीवन की परिस्थितियों को साक्षी भाव से देखने और सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा के साथ संबंध व्यक्ति को निश्चिंत, निर्भय और आंतरिक रूप से मजबूत बनाता है।
इस अवसर पर डिवाइन ग्रुप के बच्चों ने सांस्कृतिक स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी हेमलता दीदी और राजयोगिनी आशा दीदी भी उपस्थित रहीं।
24 जून को मातेश्वरी जगदंबा जी की पुण्य स्मृति दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय योग मास के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी अनुयायियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।