12वीं हिंदी पेपर लीक कांड में बड़ा खुलासा: NSUI नेता तक पेपर पहुंचाने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी पेपर लीक मामले में पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में NSUI नेता तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के आरोप में PTI शिक्षक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसियों ने अब परीक्षा केंद्र के प्रभारी और एग्जाम कंट्रोलर की भूमिका को भी संदेह के दायरे में लिया है। अधिकारियों का मानना है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के पेपर लीक होना संभव नहीं है।

जानकारी के मुताबिक बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही हिंदी विषय का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और कुछ निजी ग्रुपों में वायरल हो गया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने वायरल प्रश्नपत्र का मिलान किया, जिसमें अधिकांश प्रश्न हूबहू पाए गए। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल जांच शुरू कराई और साइबर सेल की मदद से पेपर वायरल करने वालों की तलाश की गई। जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम डिजिटल सबूत मिले, जिनके आधार पर PTI शिक्षक और उसके सहयोगी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों ने प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ लोगों तक पहुंचाया था। इसमें एक NSUI नेता का नाम भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराया गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें कितने लोग शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी और परीक्षा केंद्र से जुड़े अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।

इसी वजह से अब केंद्र प्रभारी और एग्जाम कंट्रोलर की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और मोबाइल चैट खंगाले जा रहे हैं। जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और किस माध्यम से वायरल किया गया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

इस घटना के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। विपक्षी दलों ने भी सरकार और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं शिक्षा विभाग ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रशासन का कहना है कि पेपर लीक कांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।