देशभर में भीषण गर्मी ने लोगों का जीवन बेहाल कर दिया है। राजस्थान का Barmer रविवार को देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज धूप और लू के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार देश के कम से कम 9 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है, जिससे उत्तर और पश्चिम भारत के कई राज्यों में हीटवेव जैसे हालात बने हुए हैं।
राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। डॉक्टरों ने दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और बढ़ सकती है। बाड़मेर के अलावा जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर और कोटा जैसे शहरों में भी पारा लगातार ऊंचा बना हुआ है। राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में भी गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ते तापमान के कारण हर साल गर्मी के रिकॉर्ड टूट रहे हैं।
इधर उत्तराखंड में चल रही Char Dham Yatra के श्रद्धालुओं के लिए भी प्रशासन ने विशेष चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब रहने, तेज बारिश और भूस्खलन की संभावना जताई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे बढ़ें। कई जगहों पर पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को हल्के कपड़े पहनने, शरीर को हाइड्रेट रखने और धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार और स्थानीय प्रशासन भी लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी कर रहे हैं।
देश के कई हिस्सों में जहां गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं पहाड़ी इलाकों में मौसम का बदला मिजाज यात्रियों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।