गरियाबंद, में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत ने न्याय व्यवस्था को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया। जिला एवं अपर सत्र न्यायालय गरियाबंद सहित जिले के सभी व्यवहार एवं राजस्व न्यायालयों में आयोजित इस विशेष लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत में कुल 95 हजार 326 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ। साथ ही 85 लाख 86 हजार 538 रुपये की राशि का एवार्ड और रिकवरी भी कराई गई, जिससे आम नागरिकों को त्वरित न्याय और आर्थिक राहत मिली।
यह आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर श्री बलराम प्रसाद वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। लोक अदालत में विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की खंडपीठों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश गरियाबंद एवं तालुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष श्री बी.आर. साहू की खंडपीठ में लंबित और प्री-लिटिगेशन सहित 45 मामलों का निराकरण करते हुए 50 लाख 55 हजार 758 रुपये का एवार्ड पारित किया गया। वहीं अपर सत्र न्यायाधीश एफटीएससी गरियाबंद श्रीमती गंगा पटेल की खंडपीठ में 42 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा कर लगभग 5 लाख रुपये की राशि अदा कराई गई।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गरियाबंद कु. खुशबू जैन की खंडपीठ में 415 मामलों का निराकरण हुआ और 5 लाख 90 हजार 600 रुपये की राशि दिलाई गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट वरिष्ठ श्रेणी देवभोग श्रीमती कांची अग्रवाल की खंडपीठ में 1052 मामलों का निपटारा करते हुए 6 लाख 63 हजार 770 रुपये की राशि प्रदान की गई। वहीं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजिम श्री अंशुल वर्मा की खंडपीठ में 547 प्रकरणों का निराकरण कर 17 लाख 83 हजार 432 रुपये की राशि संबंधित पक्षों को दिलाई गई। इसके अलावा जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में भी 93 हजार 225 मामलों का समाधान किया गया, जो इस आयोजन की बड़ी उपलब्धि रही।
लोक अदालत के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा जनहितकारी स्टॉल भी लगाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उद्यानिकी विभाग, बैंक, विद्युत विभाग तथा नगरपालिका द्वारा लोगों को योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए गए तथा पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। न्यायिक अधिकारियों ने इन स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने पर जोर दिया। इस सफल आयोजन में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालेंटियर्स और विभिन्न विभागों का सराहनीय योगदान रहा। नेशनल लोक अदालत ने एक बार फिर यह साबित किया कि आपसी समझौते और संवाद के माध्यम से न्याय प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा सकता है।