छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण में बढ़त जारी है। इसके लिए कोरोनावायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को जिम्मेदार होने की आशंका जताई जा रही है। प्रदेश में इसकी जांच की सुविधा नही है। अब रायपुर AIIMS में ऐसी RT-PCR जांच किट पहुंची है, जो बिना जीनोम सीक्वेंसिंग के ही ओमिक्रॉन वैरिएंट की पहचान करने में सक्षम है।
बताया जा रहा है, AIIMS को जो किट मिली है उसकी जांच प्रक्रिया RT-PCR जैसी ही है। इस जांच में ओमिक्रॉन की पहचान के लिए नए मानक तय किए गए हैं। कहा जा रहा है पहचान का यह तरीका एस. जीन टार्गेट फेल्योर पर आधारित है। यानी जिस नमूने में एस. जीन नहीं होगा उसे ओमिक्रॉन से संक्रमित माना जाएगा। ICMR ने हाल ही में ही इस नए टेस्ट किट को मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की ट्रीटमेंट कमेटी ने भी इस किट की सिफारिश की है। जल्दी ही राज्य सरकार की प्रयोगशालाओं में भी यह किट उपलब्ध हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो ओमिक्रॉन की पहचान में लग रहा समय काफी कम हो जाएगा। प्रदेश में अभी तक ओमिक्रॉन के 5 मामलों की पुष्टि हो पाई है। उनमें से कुछ तो एक महीने बाद आए। तब तक मरीज ठीक हो चुके थे।
कोरोना से 15 दिनों में ही 47 की जान गई
शनिवार को प्रदेश के 8 कोरोना मरीजों की इलाज के दौरान मौत हाे गई। इनमें से 6 लोगों को दूसरी वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां जांच में वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए। मरने वालों में रायपुर के तीन, रायगढ़-कोरबा के दो-दो और दुर्ग का एक मरीज शामिल है। बीते 15 दिनों प्रदेश के 47 मरीजों की जान जा चुकी है। कोरोना की वजह से अब तक 13 हजार 647 लोगों की जान जा चुकी है।
एक दिन में 5,525 नए मरीज मिले
स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर रात जारी आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को 5 हजार 525 नए मरीज मिले। इनमें सबसे अधिक एक हजार 692 मरीज रायपुर में ही मिले हैं। रायगढ़ में 663 और दुर्ग में 653 नए मरीज मिले हैं। बिलासपुर में 447, कोरबा में 366, राजनांदगांव में 238, जांजगीर-चांपा में 204, सरगुजा में 172, जशपुर में 146 और कांकेर में 124 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस बीच 4 हजार 240 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।