पानी के नाम पर शहर की जनता से मदारी का खेल बंद करें महापौर- ओस्तवाल...

त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

210 करोड़ के अमृत मिशन में नई मशीन लगाई या कबाड़ी के यहाँ से पुरानी मशीन फीट की गई...

राजनांदगांव- शहर की जन-जन की आवाज एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम् से  शहर के महापौर मधुसूदन यादव को दो टुक शब्दों में यह कहा कि संस्कारधानी शहर की जनता ने जिस विश्वास के साथ ट्रिपल ईंजन की सरकार इस उम्मीद से बनाई थी की प्रदेश में और देश में भाजपा की सरकार है और दोनों सरकारों के रहते नगर निगम राजनांदगांव में भी महापौर आप सहित पार्षदों को  ऐतिहासिक बहुमत से जीताकर जो विश्वास जताया था। उस पर जिस तरह से आपके द्वारा जनता के विश्वास पर दिन-बदिन  जो पानी फेरा जा रहा है उससे ऐसा लग रहा है कि एक अनुभवी महापौर की या तो निगम में बैठे कुछ भ्रष्ट्र अधिकारी और सब इंजीनियर महापौर की सुन नहीं रहे है और यदि सुन रहे होते तो महापौर मधुसूदन यादव की एक कड़ी फटकार के बाद ना तो शहर की जनता को गंदा और मटमैला पानी मिलता लेकिन महापौर जिस तरह से फिल्टर प्लांट की सफाई और मशीन बिगडऩे का जो आये दिन आड़ लेकर शहर की जनता को दो वक्त का पानी के नाम पर रिपेरिंग आदि नाम पर जो भ्रष्ट्राचार निगम में हो रहा है उस अंकुश लगाये और शहर की जनता को यह बता दे की २१० करोड़ रूपये की अमृत मिशन योजना में नई मशीन आदि लगी या कबाड़ी के यहाँ से रंग पेेंट करके मशीन लगाई गई इसका खुलासा महापौर को करना चाहिए की यह पुरा मामला आखिर है क्या? क्योंकि पूर्व महापौर श्रीमती हेमादेशमुख के पाँच वर्ष के कार्यकाल में मोहारा फिल्टर प्लांट के मशीन रिपेरिंग और प्लांट सफाई आदि के नाम पर जो जल विभाग का बिल बना है उस फाईल को महापौर देखेंगे। तो दातों तले चना दबाना पड़ जायेगा इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप जनता के सही हितैषी और ईमानदार है तो एक अनुभवी सत्ता का पावर फुल महापौर के एक आदेश के बाद  पूरा सिस्टम सही हो जाना चाहिए लेकिन ऐसा ट्रिपल र्इंजन की सरकार में नहीं हो रहा क्यों? यह आपके लिए एक चिंतनीय विषय जन मानस में चर्चा का विषय बना हुआ हैं की महापौर मधुसूदन यादव अमृत मिशन के भष्ट्राचार और मठमैला पानी सप्लाई करने वाले ठेकेदार और इंजीनियर के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का संदेश शहर की आम जनता को क्यों नहीं दे पा रहे हैं? और अपनी कमजोरियों को दबाने हेतु आये दिन मोहारा फिल्टर प्लांट में जाकर खाली निर्देश देना वह आपकी काबिलियत को नहीं दर्शा रही हैं। इसलिए शहर हित मेें कड़े निर्णय की क्षमता दिखायें।