दुर्ग | परियोजना दुर्ग शहर में 8 अप्रैल से प्रतिदिन प्रत्येक वार्ड की आंगनबाड़ियों में समुदाय में पोषण और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति जागरूकता लाने हेतु विभिन्न कार्यक्रमों और पोषण बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।इसी क्रम में वार्ड 18 के आंगनबाड़ी केंद्र शक्तिनगर कुंआ चौक में पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत बैठक का आयोजन किया गया।जिसमें शासकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय से डॉक्टर कल्पना और डॉक्टर सरला उपस्थित हुए।डाक्टर कल्पना के द्वारा महिलाओं में होने वाली आम समस्या और उसके निदान के बारे में बताया गया।किशोरियों को मासिक धर्म के समय होने वाली तकलीफों को दूर करने के विषय में विस्तार से बताया गया। प्रतिदिन व्यायाम या योग करने से दैनिक जीवन में होने वाली शारीरिक तकलीफ से छुटकारा पाया जा सकता है इसी प्रकार सही खान-पान को अपने दैनिक जीवन में शामिल करके एनीमिया से बचा जा सकता है।अपने दैनिक भोजन में सभी को कुलथी, सिंघाड़ा,मूंगा और भजियों को शामिल करना चाहिए । डॉक्टर सरला के द्वारा बच्चों में वर्तमान में बढ़ रहे मोटापे यानी ओबेसिटी के बारे में बताया गया। ओबेसिटी से बच्चों में आगे चलकर क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं और अपने बच्चों को ओबेसिटी से कैसे बचाया जाए उसके बारे में बताया गया।बच्चों को घर का बना ही भोजन देना चाहिए और भोजन करते समय अपने बच्चों को मोबाइल का उपयोग बिलकुल भी नहीं करने देना चाहिए।छोटे बच्चों को कभी भी मोबाइल का प्रलोभन देकर भोजन नहीं कराना चाहिए। मोबाइल से निकलने वाली किरणे बच्चों के लिए हानिकारक होती है।सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती श्वेता उत्तम सिंह के द्वारा शिशु जीवन के प्रथम 1000 दिवस , पोषण ट्रैकर ऐप में उपलब्ध बेनिफिशियरी मॉड्यूल ,और सी सैम प्रोटोकॉल के विषय में बताया गया। आंगनबाड़ी की गर्भवती महिला आरती साहू का गोद भराई कराया गया। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शैल देवांगन ,गंगोत्री,मानिकपुरी ,सोनिया मानिकपुरी और आंगनबाड़ी सहायिका शारदा गंधर्व की सहभागिता रही।वहीं पोषण पखवाड़ा अंतर्गत दिनांक 16 अप्रैल सेक्टर कसारीडीह के आंगनबाड़ी बेरपारा केन्द्र वार्ड 42 मे आज मे सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती भावना निकल्स एवं कार्यकर्ता नाजिया बेगम द्वारा रेडी टु ईट के रखरखाव के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। रेडी टू ईट के पैकेट को आंगनबाड़ी से प्राप्त करने के पश्चात उसके 6 भाग करके एक साफ डिब्बे में भरना है और प्रतिदिन एक भाग का उपयोग करने के विषय में बताया गया।साथ ही रेडी टू ईट से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों के बारे में बताया गया आपके बच्चे को प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार से रेडी टू ईट खिलाया जा सके। कुपोषण दूर करने मे इसका महत्व समझाया गया।पोषण का अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों में जन समुदाय बहुत ही उत्साह पूर्वक और शामिल हो रहे हैं और दी जा रही जानकारी को अपने लिए अत्यंत उपयोगी बता रहे हैं कार्यक्रम में गर्भवती , किशोरी बालिकाएं ,वार्ड की अन्य महिलाएं शामिल हुई।