आयुर्वेद में वर्णित प्रकृति परीक्षण के माध्यम से व्यक्तिगत स्वास्थ्य योजना, आहार-विहार तथा समय पूर्व होने वाले रोगों से बचाव, निदान एवं उपचार

त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

दुर्ग  09 दिसम्बर 2024। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 26 नवम्बर से 25 दिसम्बर 2024 तक देश के प्रकृति परीक्षण हेतु देशव्यापी राष्ट्रीय अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की शुरूआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रकृति परीक्षण से प्रारंभ किया गया। केशव कुमार बनछौड़ सभापति, नगर निगम, रिसाली, शशि सिन्हा महापौर नगर निगम रिसाली,श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम आयुक्त ,डॉ सीमा साहू, वार्ड नंबर 28, अनिल देशमुख,पार्षद वार्ड 26, ईश्वरी साहू, पार्षद रिसाली ने जिले के नागरिकों से देश के प्रकृति परीक्षण राष्ट्रीय अभियान अंतर्गत स्वास्थ्य व जागरूकता के संबंध में वास्तविक जानकारी के लिए प्रत्येक परिवार, स्वयं का व अपने परिवार का प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है।

डॉ. जया साहू विशेषज्ञ आयुर्वेद अधिकारी, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, दुर्ग  ने बताया कि आयुर्वेद में वर्णित प्रकृति परीक्षण से व्यक्ति की शारीरिक व मानसिक संरचना (प्रकृति) को समझने में सहायक होती है, जिससे व्यक्ति की विशिष्ट प्रकृति के आधार पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य योजना, आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या बनाकर समय पूर्व होने वाले रोगों से बचाव, निदान एवं उपचार किया जा सकता है। इस अभियान का लाभ लेने तथा व्यक्ति को स्वयं का प्रकृति परीक्षण कराने के लिए सर्वप्रथम अपने मोबाईल में प्रकृति परीक्षण एप डाउनलोड कर सिटीजन के रूप में पंजीकृत होना होगा।

प्रकृति परीक्षण हेतु आयुष चिकित्सक वालेन्टियर्स द्वारा नागरिकों से संपर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही आयुष औषधालय के चिकित्सक से संपर्क कर ऑनलाइन फॉर्म भरकर आपकी प्रकृति बताकर ऑनलाइन प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।