धमतरीः देशभर में मां दुर्गा के 52 शक्तिपीठों के साथ कई मंदिर है। जहां चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहाहै। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में माता का एक ऐसा रहस्य्मयी मन्दिर है जहां माता के मंदिर में पूजा-अर्चना के अलग तरीके है। इस मंदिर में पूजा के लिए महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। यहां केवल पुरुष ही अंदर जा सकते हैं और मंदिर में पूजा-पाठ कर सकते हैं। इस मंदिर की एक विशेष बात यह भी है कि यह वर्ष में एक दिन ही चैत्र नवरात्र में भक्तों के लिए खोला जाता है और पूजा अर्चना की जाती है।दरसल, चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में चैत्र नवरात्र पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों में माता के भक्तों की भारी भीड़ दर्शन करने पहुंच रही है। इसी बीच आपको बता दें कि धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर सोंढूर, पैरी नदी के तट पर बसे मोहेरा के आश्रित निरई की पहाड़ी पर मां निरई विराजमान है।
चैत्र नवरात्रि में खुलेगा मंदिर
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी निरई पहाड़ी में स्थित मंदिर पर श्रद्धालुओं के लिए 14 अप्रैल को सिर्फ 5 घंटे के लिए खुलेगा। इस दिन जातरा भी होगी। ऐसी मान्यता है कि मां निरई के दरबार में आकर बलि देने से उनकी मुरादें पूरी होती है। यह मंदिर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 109 किलोमीटर दूर स्थित है।
साल में एक दिन के लिए खुलता है माता का मंदिर
यह मंदिर अपने आप में एक प्राचीन इतिहास समेटे हुए हैं। यह मंदिर साल में केवल एक ही दिन खुलता है। वहीं, यह परंपरा कई वर्षों से इसी तरह चलती आ रही है। निरई माता मंदिर में माता को सिंदूर, सुहाग, श्रृंगार, कुमकुम, गुलाल, बंदन नहीं चढ़ाया जाता। नारियल, अगरबत्ती माता को अर्पित किए जाते हैं। वहीं माता का मंदिर साल में सिर्फ एक दिन चैत्र नवरात्र के प्रथम रविवार को 4 घंटे के लिए खुलता है। इस बार निरई माता का जातरा 14 अप्रैल को सुबह 4 बजे से लेकर 9 बजे तक यानि केवल 5 घंटे के लिए ही खुलेगा।