कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि इस स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में जनता को उचित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का जायजा लिया, जिनमें दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति, और चिकित्सा उपकरणों की स्थिति शामिल थी। कलेक्टर ने मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभ मिल रहा है। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। कलेक्टर ने अस्पताल स्टाफ को निर्देश दिए कि वे सभी मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
इसके पश्चात् कलेक्टर ने पड़कीडीह नर्सरी का निरीक्षण किया ताकि वहां के पौधों की देखभाल और नर्सरी की व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया जा सके। इस निरीक्षण का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति को सुनिश्चित करना था। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने नर्सरी में विभिन्न प्रकार के पौधों, उनकी देखभाल, और वितरण की व्यवस्था की जांच की। इस दौरान उन्होंने पौधों की विविधता और गुणवत्ता, सिंचाई और जल प्रबंधन, खाद्य और पोषण, रोग और कीट नियंत्रण की जानकारी ली। उन्होंने उद्यानिकी विभाग से कहा की पौधों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और नर्सरी की समग्र व्यवस्थाओं को बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और पौधों की देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।