जमीन विवाद के चलते न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दुर्ग के आदेश के अनुरूप पुलिस थाना दुर्ग को अपराध पंजीबद्ध किए जाने निर्देशित करने बाबत लेख जारी किया

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न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दुर्ग के आदेश के अनुरूप पुलिस थाना दुर्ग को अपराध पंजीबद्ध किया जाने निर्देशित करने बाबत लेख किया जाकर विवरण में उल्लेखित है कि मेरे पिताजी के द्वारा ग्राम कोहका  के  पटवारी हल्का नंबर 14 /19 राज्य निगम मंडल कोहका वार्ड क्रमांक 09 कुरूद रोड मुख्य नाला के समक्ष खसरा क्रमांक 105/01, 105/2 रकबा 0.04 हेक्टेयर,  0.04 हेक्टेयर अर्थात 4000 वर्गफीट भूमि जिसमें मकान बना हुआ था उसे मेरे पिताजी के द्वारा क्रय किया गया है उनके देहांत के उपरांत मेरी माता शांति देवी, संगीता पंडित, संतोष कुमार प्रजापति, अमित प्रजापति एवं मंजू पंडित के नाम से स्थानांतरित किया गया है चूंकि मैं एवं संतोष प्रजापति अमित प्रजापति छत्तीसगढ़ से बाहर निवास करते हैं उसके चलते हुए हम लोगों के द्वारा  मंजू पंडित को दिनांक 27/01/2022 को एक पंजीकृत मुक्तियारनामा दिया गया था और  मंजू पंडित के द्वारा वैधानिक ढंग से उसे विक्रय करने के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा था जिसके चलते मुक्तियारनामा दिनांक 21/10/ 2022 को मंजू पंडित की उपस्थिति में निरस्त किया गया है जिसकी जानकारी योगेश पांडे रेखा पांडे एवं संजीव दत्ता को लिखित में सूचना दी गई है और इसी दौरान  रेखा पांडे के द्वारा मंजू पंडित के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1112/2022 जुर्म धारा 420 भादवि का पंजीबद कराया गया है जिसमें रेखा पांडे एवं मंजू पंडित के द्वारा आपसी समझौता की गई और रेखा पांडे योगेश पांडे मंजू पंडित एवं संजीव दत्ता के द्वारा सुनियोजित ढंग से मुझे और मेरे परिवार के अन्य सदस्यों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दिनांक 9/11/2022 को उक्त संपत्ति का पंजीयन कर दिया गया जबकि  मुक्तियारनामा की निरस्ती करण की सूचना उपरोक्त सभी व्यक्तियों को पूर्व में दी जा चुकी थी जिसके संबंध में थाना दुर्ग में लिखित शिकायत की गई एवं उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर आपके समक्ष लिखित शिकायत की गई है उसमें भी किसी प्रकार का कार्यवाही नहीं होने पर मेरे द्वारा माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दुर्ग के न्यायालय में धारा 156(3) दंप्रसं के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत किया गया है जिसका एमजेसी  प्रकरण क्रमांक 752 / 2024 जिसमें माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी दुर्ग के द्वारा दिनांक 27/01/ 2024 को  रेखा पांडे, योगेश पांडे, मंजू पंडित एवं संजीव दत्ता के विरुद्ध अपराध पंजीबद करने हेतु आदेश किया गया उसी दौरान  रेखा पांडे एवं योगेश पांडे के द्वारा दिनांक 12/02/ 2024 को माननीय सत्र न्यायाधीश दुर्ग के न्यायालय में आपराधिक पुनरीक्षण क्रमांक 70 / 2024 प्रस्तुत किया गया जिससे दिनांक 02/05/2024 को अंतिम निराकरण हेतु विशेष न्यायाधीश दुर्ग  के न्यायालय में स्थानांतरित की गई जिसमें मैं दिनांक 16/5/2024 को माननीय विशेष न्यायाधीश दुर्ग के द्वारा अंतिम आदेश पारित करते हुए दिनांक 27/ 01/2024 के एमजेसी प्रकरण क्रमांक 752/24 को उपर्युक्त मानते हुए  रेखा पांडे एवं योगेश पांडे के पुनरीक्षण प्रकरण को निरस्त किया गया इसके संबंध में समस्त दस्तावेजों के साथ आपको शिकायत दर्ज की जा रही हैं और आपसे अपेक्षा है कि उपरोक्त व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय के आदेश के अनुरूप के अपराध पंजीबद्ध करने हेतु निर्देश दिए जाना आवश्यक है साथ ही संपूर्ण दस्तावेजों की प्रति आवेदन के साथ संलग्न की जा रही है अतः आपसे अनुरोध है कि  रेखा पांडे, योगेश पांडे, मंजू पंडित एवं संजीव दत्ता के विरुद्ध माननीय न्यायालय के आदेश के परिपालन में अपराध पंजीबद्ध करने हेतु निर्देश देने की कृपा करें प्रार्थना के आवेदन पत्र एवं संलग्न माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत परिवार पत्र की छाया प्रति तथा माननीय न्यायालय के आदेश पर अपराध धारा 420,34 भादवि का अपराध घटित होना पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया  न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत परिवार पत्र संलग्न है आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 302 दंप्रसं प्रस्तुत कर निवेदन किया गया है कि आवेदिका की दिनांक 11/08/2023 को मृत्यु हो गई है इसलिए उक्त प्रकरण में आवेदिका के स्थान पर उसके उत्तराधिकारी संतोष कुमार प्रजापति एवं  संगीता पंडित का नाम संयोजित कार्यवाही का संचालन करना चाहते हैं प्रकरण का अवलोकन किया गया प्रकरण के अवलोकन से दर्शित है कि उक्त प्रकरण भूमि से संबंधित है जिसमें आवेदिका के साथ-साथ संतोष कुमार प्रजापति एवं  संगीता पंडित का नाम भी उल्लेखित है आपराधिक प्रकरण में अधिकारों के हनन होने पर ही किसी व्यक्ति के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाता है चूँकि  प्रकरण में संतोष कुमार प्रजापति एवं  संगीता पंडित का नाम भूमि के उत्तराधिकारी के रूप में दर्ज है इसलिए वह भी पंडित की श्रेणी में आते हैं अतः उक्त आवेदक को स्वीकार किया जाता है एवं आवेदिका के स्थान पर संतोष कुमार प्रजापति एवं  संगीता पंडित का नाम संशोधन किए जाने की अनुमति प्रदान की जाती हैं अंग्रेजी में अस्पष्ट हस्ताक्षर अंकित गुप्ता न्या मजि प्रथम  श्रेणी दुर्ग आवेदक द्वारा आवेदन पत्र में संशोधन किया गया एवं पीठासीन अधिकारी द्वारा अभी प्रमाणित किया गया अंग्रेजी में अस्पष्ट हस्ताक्षर अंकित गुप्ता न्या मजि  प्रथम श्रेणी दुर्ग आवेदिका द्वारा संजय अग्रवाल उक्त प्रकरण में तर्क श्रवण किया गया आवेदिका द्वारा आवेदन पत्र अंतर्गत धारा 156 (3) दंप्रसं प्रस्तुत किया गया है आवेदक का आवेदन संक्षिप्त में इस प्रकार है की आवेदिका / प्रार्थी  शांति देवी के स्व पति सुग्रीवप्रसाद प्रजापति के नाम पर ग्राम कोहका  के पटवारी हल्का नंबर 14/19 रनिम कोहका वार्ड क्रमांक 09 हनुमान मंदिर रोड के कुरूद रोड नाला मुख्य मार्ग पर जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ के स्थित भूमि खसरा नंबर 105/1, 105/2 रकबा 0.04 है 0.040   4000 वर्गफीट भूमि आवेदिका/ प्रार्थी के पति सुग्रीव प्रसाद प्रजापति के निधन उपरांत आवेदिका शांति देवी एवं उसके पुत्र एवं पुत्री संतोष कुमार प्रजापति संगीता पंडित नाती अमित प्रजापति एवं पुत्री मंजू पंडित के संयुक्त नाम पर दर्ज  हुई थी आवेदिका अत्यंत वृद्धि महिला थी इसलिए आवेदिका एवं उसके पुत्र पुत्री द्वारा शांति पंडित पर भरोसा करके उक्त भूमि के संबंध में दिनांक 27/01/ 2022 को मंजू पंडित के पक्ष में एक मुक्तियारनामा  निष्पादित किया गया था आरोपी क्रमांक 01  मंजू पंडित द्वारा उक्त भूमि को विक्रय किए जाने का प्रयास किया जा रहा है यह जानकारी आवेदिका  आवेदकगण को होने पर दिनांक 31/10/2022 को पंजीकृत मुक्तियारनामा  को उपपंजीयक कार्यालय में निरस्त कर दिया गया था जिसमें आरोपियां क्रमांक 01 मंजू पंडित के भी हस्ताक्षर थे मुक्तियारनामा  निरस्तीकरण के दौरान आवेदिका/ आवेदकगण को यह जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी क्रमांक 01 द्वारा दिनांक 04/07/2022 को आरोपी क्रमांक 04 संजीव कुमार दत्ता से विक्रय का इकरारनामा किया गया है जिसके संबंध में उसके द्वारा बीस हजार रूपये अग्रिम राशि भी लिया गया है तब आवेदकगण द्वारा डिमांड ड्राफ्ट क्रमांक 210581 रकम 20400 /- भारतीय स्टेट बैंक से बनवाकर आवेदकगण द्वारा उक्त इकरारनामा निरस्त करते हुए आरोपी क्रमांक 04 को प्रेषित कर दिया गया एवं जिसमें आरोपी क्रमांक 04 को यह भी स्पष्ट किया गया कि दिनांक 27/06/2022 का मुख्तियारनामा दिनांक 31/10/2022 को निरस्त कर दिया गया है आरोपी क्रमांक 01 मंजू पंडित के द्वारा रकम न मिलने की वजह से आरोपी क्रमांक 02 के पक्ष में उक्त भूमि के विक्रय न करने के कारण आरोपी क्रमांक 02 के अलावा दिनांक 12 /10/2022 को पुलिस थाना सिटी कोतवाली में आरोपी क्रमांक 01 के विरुद्ध धारा 420 भादस का अपराध पंजीबद्ध कराया गया एवं आरोपी क्रमांक02,  03 एवं 04 द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर धोखाधड़ी एवं छल करते हुए षडयंत्र पूर्वक कार्य किया गया आरोपी क्रमांक 02 द्वारा अपने पति के साथ मिलकर आवेदिका के वृद्धावस्था का फायदा उठाते हुए उसके बैंक खाते से पांच पांच लाख कुल 10 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कराया गया जिसकी जानकारी अविदिका को  होने पर आवेदिका द्वारा दिनांक 04/02/2022 को डिमांड ड्राफ्ट क्रमांक 2.110584,  2110585 के मर्फत क्रमश: 5,51, 750/-  551750 रुपए में ब्याज आरोपी क्रमांक 02 को पंजीकृत ड्राफ्ट के माध्यम से प्रेषित किया गया दिनांक 31/10/2022 को मुक्तियारनामा निरस्त कर दिए जाने के बावजूद भी आवेदक गण द्वारा दिनांक 09/11/2022 को उपरोक्त भूमि का विक्रय पत्र निष्पादित कर दिया गया आरोपी क्रमांक 03 द्वारा दिनांक 13 /07/2022 को अपने अधिवक्ता वीरेंद्र प्रताप सिंह के माध्यम से प्रार्थना को एवं संतोष कुमार प्रजापति संगीता पंडित अमित प्रजापति एवं मंजू पंडित को मुक्त भूमि के संबंध में एक नोटिस प्रेषित किया गया था जिसके अनुसार उक्त भूमि 25, 000, 000 उल्लेखनीय किया गया था एवं योगेश पांडे द्वारा आवेदिका को 10 लाख खाते में देना बताया गया था एवं 40 लाख रुपए नगद देना बताया गया था जबकि इस संबंध में आरोपीगण एवं आवेदिका के मध्य कोई इकरारनामा निष्पादित नहीं हुआ था आरोपीगण द्वारा 2 करोड़ 50 लाख में भूमि का सौदा किया गया था जबकि दिनांक 09/11/2022 को निष्पादित विक्रयनामा  मैं स्टाम्प ड्यूटी बचाने के लिए भूमि का सौदा 84,32,000 उल्लेखित किया गया था इस प्रकार आरोपीगण द्वारा शासन को भी हानि पहुंचाया गया है इस प्रकार आरोपीगण द्वारा मिली भगत कर सुनियोजित ढंग से कूटरचित एवं फर्जी विक्रयपत्र निष्पादित कर आवेदीका/आवेदकगण को हानि पहुंचाया गया है एवं उनके अधिकारों का हनन किया गया है आवेदकगण द्वारा आरोपीगण के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध पंजीबद्ध किया जाने हेतु लिखित शिकायत की गई थी परंतु आरोपीगण के विरुद्ध पुलिस अधिकारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई आवेदिका द्वारा दिनांक 01/05/2023 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग को भी लिखित शिकायत की गई थी परंतु उनके द्वारा भी आरोपीगण के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई इसलिए आवेदीका / आवेदकगण के द्वारा न्यायालय में आरोपीगण के विरुद्ध धारा 156(3) दप्रस के तहत प्रस्तुत किया गया है आवेदिका द्वारा अपने कथनों के समर्थन में ऋण पुस्तिका दिनांक 27/06/2022 को निष्पादित आम मुक्तियारनामा दिनांक 31 /10/ 2022 को मुख्तियारनामा का निरस्तीकरण अभिलेख दिनांक 04/07/2022 को निष्पादित विक्रय इकरारनामा दिनांक 4/11/.2022 को आरोपी क्रमांक 04 को प्रेषित आवेदन एवं डिमांड ड्राफ्ट दिनांक 3 /10/ 2022 को आरोपी क्रमांक 01 एवं 02 द्वारा की जानकारी थी कि उसके पक्ष में जो आवेदकगण द्वारा जो मुख्तियारनामा निष्पादित किया गया है उसका निरस्तीकरण कर दिया गया है