युवाओं को इस बीमारी का जोखिम इसलिए होता है क्योंकि वे जंक फूड का सेवन ज्यादा करते हैं, जो अधिक मसालेदार, तैलीय, अतिरिक्त शर्करा, नमक, वसा और आर्टिफिशियल तत्वों से युक्त होते हैं. इन खाद्य पदार्थों में न केवल पोषण की कमी होती है, बल्कि ये आंत के बैक्टीरिया के संतुलन को भी प्रभावित कर सकते हैं और इससे IBS होने की संभावना बढ़ जाती है.इसके अतिरिक्त तनाव और गतिहीन जीवनशैली भी इस बीमारी का कारण हो सकती है.आपको IBS है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें. वह कुछ शारीरिक जांच करके आपको बताएंगे कि आपको यह बीमारी है या नहीं. डॉक्टर आपसे बीमारी से जुड़े कुछ मुख्य लक्षणों और आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पूछ सकते हैं.इसके अलावा डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और CT स्कैन आदि कराने की सलाह भी दे सकते हैं.स्वस्थ जीवनशैली इस समस्या से आपको बचाकर रख सकती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप संतुलित भोजन के साथ-साथ ताजे फलों और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें. नियमित रूप से एक्सरसाइज भी करें और कुछ भी खाने से पहले हाथों को साफ कर लें.इसके अतिरिक्त तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करें. इसके लिए योग और मेडिटेशन को अपने दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है.