7/5/2023
भिलाई :ज्योतिष पीठ के प्रमुख शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने छत्तीसगढ़ सरकार के गौ-संरक्षण को लेकर किए जा रहे काम को सराहा। उन्होंने साईं बाबा को लेकर फिर से कहा कि वो न तो भगवान हैं, न गुरु और न ही संत हैं। इसके बाद भी कोई उन्हें पूजता है तो ये उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा है।
शंकराचार्य ने कहा, गाय की रक्षा के लिए हम सभी को काम करना चाहिए। इस्लाम में भी कहा गया है कि जिसका हम दूध पीते हैं उसको काटना नहीं चाहिए। इसके बाद भी गाय काटी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती दुर्ग पहुंचे थे।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती क्या कुछ कहा पढ़िए..
गौ-संरक्षण को लेकर जो काम हो रहा है। उसे मैंने अन्य प्रदेशों में भी लोगों को बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री गायों के संरक्षण को लेकर बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं। यहां तक की कई भाजपा के बड़े नेताओं ने कहा कि उनकी तरह वो लोग भी काम करना चाहते हैं, लेकिन वो कर चुके हैं और अब हम करेंगे तो नकल मानी जाएगी। लेकिन सही मायने में उनका कार्य सराहनीय है।
साईं बाबा को लेकर लग चुकी है धर्म संसद...
साईं बाबा क्या थे इस विषय पर छत्तीसगढ़ में उनके कवर्धा में बहुत बड़ी धर्म संसद का आयोजन कर चुके हैं। उसमें भी सिद्ध हो चुका है कि वो न तो गुरु हैं, न संत हैं और न भगवान है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भिलाई प्रवास पर
पूरे विश्व में हो रहा है धर्मांतरण...
धर्मांतरण को लेकर कहा, एक क्षेत्रीय स्तर पर राजनीति होती है। एक देश और एक विश्व स्तर पर राजनीति होती है। जिस समय आप क्षेत्र की राजनीति करते हैं। उस समय देश और विश्व की राजनीति भी चलती रहती है। कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो पूरे विश्व में अपना राज स्थापित करना चाहती हैं। उनके द्वारा अलग-अलग देशों में जो सरकार के लोग हैं उनके विरुद्ध षडयंत्र किए जाते रहते हैं। धर्मांतरण पूरे विश्व में हो रहा है। यह इसलिए है क्योंकि कुछ लोग चाहते हैं कि पूरे विश्व में उनका शासन हो जाए। राजनीतिक कारणों से पूरे विश्व में और भारत में धर्मांतरण हो रहा है।
गुरु तभी बनाओ जब उसे परख लो..
संतों की ब्रॉडिंग को लेकर कहा कि हमारे पूर्वज कह गए हैं कि गुरु करो जान के और पानी पियो छान के। आज जिसको देखो अगर वो टेलीविजन में आता है तो वो अच्छा संत है। टेलीविजन पर तो पैसा देकर कोई भी आ सकता है। कोई भी पैसा देकर गेरुआ वस्त्र खरीद कर पहन सकता है। लेकिन वो कितना शास्त्रीय है जब तक यह परख न ले, तब तक आगे न बढ़ें।